*तहसीलस्तर पर हुआ आंदोलन*
*जीआर की प्रति जलाकर ठेकेदारों ने घोषणाबाजी*
विशेष प्रतिनिधि
वर्धा– महाराष्ट्र सरकार ने काला जीआर जारी कर ठेकेदारो पर अन्याय किया है़ उक्त जीआर शीघ्र रद्द करें, इस मांग को लेकर जिला व तहसीलस्तर पर ठेकेदारों ने आंदोलन किया़ लोकनिर्माण विभाग के समक्ष जीआर की प्रति जलाकर ठेकेदारों ने घोषणाबाजी की़.
राज्य सरकार के बांधकाम विभाग के सचिव सी पी जोशी ने जाते जाते काला जीआर जारी किया़ उक्त जीआर ठेकेदारो की वर्गवारी निश्चीत की है़ 150 करोड से अधिक काम करनेवाले ठेकेदारो का पंजियन अनिवार्य किया गया़ सीवीसीसी के मार्गदर्शन अनुसार पंजियन पध्दत रद्द करने पर समर्थन दर्शाया गया था़ इसके बदले क्वालिफिकेशन को देखा जाए ऐसा कहा गया था़ परंतु सरकार ने पुन: नामपंजियन अनिवार्य करते हुए सीवीसीसी के मार्गदर्शक सूचनाओं को नजरअंदाज किया है़ उपरोक्त परिपत्रक से डेढसौ से अधिक का काम करनेवाले ठेकेदारो में असंतोष पणप रहा है़ पहले ही कोरोना के संकट से ठेकेदार आर्थिक समस्या से जुझ रहे है़ ऐसी स्थिति में यह अन्यायकारक जीआर जारी किया गया़.
इसका विरोध कर उक्त जीआर शीघ्र रद्द किया जाए, ऐसी मांग लोकनिर्माण विभाग वर्धा व आर्वी के कार्यकारी अभियंता के माध्यम से सरकार को भेजा गया़ मंगलवार, 4 अगस्त की दोपहर 2.30 बजे पीडब्ल्यूडी कार्यालय के समक्ष जीआर की प्रतिया जलाई गई़ इस प्रसंग पर ठेकेदार किशोर मिटकरी, मुन्ना झाडे, सारंग चोरे, रमीज खान, प्रमोद चव्हाण, रवी छापेकर, चंदु होरे, सचीन खोडके, प्रशांत धोटे, दीपक पांगुल, रमेश घडीया, फीरोज शेख, बाबा जाकीर, अमर राठोड, विनोद चव्हाण, अमोल क्षिरसागर, राजेश नासरे, अक्षय जैन, नागेश सरदार, प्रणव जोशी, शकील खान, रमेश भगत, अनिल पसीने, अमोल शिंदे, सुरेश दातीर सहित अन्य उपस्थित थे़ तहसीलस्तर पर भी संबंधीत विभाग के सामने उक्त आंदोलन किया गया़
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