*ब्रेकींग न्यूज*
*फिर बागी हुये 18 पार्षदों के तेवर*

*जताया सभा पर आक्षेप आर्वी न.प. का मामला*
*नगराध्यक्ष पर लगाया परस्पर निर्णय लेने का आरोप, वीडिओ कॉन्फ्रेंस से सभा लेने का विरोध*
वर्धा प्रतिनिधि- पंकज रोकडे
आर्वी-आर्वी नगर परिषद इन दिनों आपसी मनमुटाव के कारण चर्चा का विषय बनी हुई है. हाल ही में सत्ताधारी पक्ष के ही पार्षदों ने नगराध्यक्ष की कुर्सी पर चप्पलों की माला पहनाने से बवाल मच गया था. यह मामला अब तक सुलझा ही नही कि, फिर 18 पार्षदों ने 15 सितम्बर को नप द्वारा वीडिओ कान्फरन्स द्वारा आयोजित सर्वसामान्य सभा पर आक्षेप दर्ज करने से अनेक सवाल निर्माण हो रहे है. इस संबंध में पार्षदों ने नप मुख्याधिकारी को ज्ञापन सौंपकर नगराध्यक्ष के खिलाफ पुन: मोर्चा खोल दिया है.
कोरोना की पार्श्वभूमि पर जमावबंदी कानून लागू है. सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी सभी मिटिंग, कार्यक्रम वीडिओ कान्फरन्स द्वारा ही लिए जा रहे है.
आर्वी नप द्वारा भी 15 सितम्बर को दोपहर 1 बजे वीडिओ कान्फरन्स द्वारा सर्वसाधारण सभा का आयोजन किया गया.परंतु यह सभा लेने का निर्णय अध्यक्ष द्वारा परस्पर लिया लेने का आरोप 18 पार्षदों ने लगाया है.जिसमें भारती देशमुख, प्रशांत ठाकुर, जगन गाठे, उषा सानेटक्के, कैलास बाबाराव गलहाट, मिथुन बारबैल, अजय कटकमवार, पल्लवी काले, गणेश राठी, कांता कसर, गंगा चकोले, कय्युम कादर, हर्षदा पांडे, कनिजा परवीन, नरसिंग सारसर, प्रकाश गुल्हाने, सुनीता वाघमारे, सुनील बाजपेयी इन पार्षदों का समावेश है. उनका कहना है कि, इस तरह की मिटिंग लेते समय किसी सदस्य के पास वीडिओ कान्फरन्स की सुविधा है या नही, इस की जांच नही हुई.
*पहले ही काफी महिनों के अंतराल के बाद सर्वसामान्य सभा बुलाई जा रही है.*
*शहर की समस्या, कोरोना संबंधित नागरिकों को होनेवाली परेशानी सभा में रखना सदस्यों का कर्तव्य है. समस्या रखने का माध्यम सभागृह होकर सभागृह में ही चर्चा कर समस्या दूर की जा सकती है. लेकिन नगराध्यक्ष समझने के लिए ही तैयार नही है. महाराष्ट्र राज्य के विधानसभा का अधिवेशन प्रत्यक्ष सभागृह में हुआ, फिर आर्वी नप के प्रशस्त सभागृह में 100 से अधिक आसन व्यवस्था है, इस सभागृह में अनेक बैठक होती है,*
*उपविभागीय अधिकारी द्वारा भी नप सभागृह में ही बार-बार सभा ली गई.
*वीडिओ कान्फरन्स द्वारा सभा लेने का उद्देश्य क्या? आर्वी नप में फिलहाल 23 सदस्य व दो स्विकृत सदस्य है. वही 5 से 6 अधिकारी व कर्मचारी होकर भी वीडिओ कान्फरन्स द्वारा सभा क्यो? ऐसा सवाल पार्षदों ने उपस्थित करते हुए सभा पर आक्षेप जताया है. साथ ही सभा 15 सितम्बर को आर्वी नप सभागृह में लेने की मांग की.पार्षदों के तेवर के कारण विधायक दादाराव केचे, जिलाध्यक्ष डा.शिरीष गोडे की मुश्कील बढ गई है.इसके पुर्व भी पार्षदों का आंदोलन पुर्व मुख्यमंत्री फडणवीस तक जा पहुंचा था.अब पुन: पार्षदोने बगावत का झंडा उठाया है.*
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