*कालंका मंदिर में भक्तों की भीड़*

*शासन दिशानिर्देशोंका पालन करते हुये मनाया जा रहा है नवरात्रोत्सव*
*अन्य मंदिरो मे भी नवरात्र उत्सव उत्साहपूर्ण*
रामटेक प्रतिनिधि ललित कनोजे
रामटेक- शहर मे नवरात्र का पर्व पुरे धूमधाम से मनाया जाता है. चूंकी रामटेक तो मंदिरोका शहर माना जाता है.यहांपर माताराणी के भी अनेकों स्थान है.प्रतिवर्ष यह पर्व धुमधाम से मनाया जाता रहा है. ईस वर्ष करोना के प्रभाव से भक्तों की संख्या में कमी आई है लेकिन उत्साहमें कोई कमी दिखाई नही दे रही. रामटेक शहर मे कालंका माता मंदिर,कुमारिका माता मंदिर,जराई मराई माता मंदिर,गड मंदिर स्थित श्री भगवती ब्रम्हीगुप्त माता मंदिर,शीतला माता मंदिर और एकविरा देवी मंदिर आदी प्रमुख है
दर्शन के लिए कालंका मंदिर में भक्तों की भीड़ जुट रही है। मंदिर में संगमरमरी कालंका देवी की चार फुट ऊंची मूर्ति है। यह मंदिर एक जागृत देवस्थान के रूप में प्रसिद्ध है।
भक्त कोरोना के नियमों का पालन करते हुए दर्शन कर रहे हैं। इस मंदिर के बारे में विशेष बात यह की राष्ट्रकूट काल का यानी आठवीं और नौवीं शताब्दी का है। वास्तुकला में यह मंदीर बेहद महत्वपूर्ण यांना जाता है। पुरातनता की दृष्टि से यह मंदिर वाकाटक काल के मंदिर के बाद मंदिरो की स्थापत्य संरचना में प्रगति के चरण को दर्शाता है। मुख्य मंदिर में एक गर्भगृह और एक मंडप है। मंदिर का मंडप गूढ़ प्रकार का है। मंदिर का शिखर एक पद्मक्षिणी की विशेषता है और एक हाथी की पीठ के आकार का है। कुल मिलाकर मंदिर को प्राचीन वास्तुकला की उत्कृष्ट कृति के रूप में उल्लेखित किया जाता है। यह जानकारी पुरातत्व विभाग द्वारा दी गयी है। मंदिर के जीर्ण होने के कारण स्व. मधुकर पिपरोदे जो शहर के ही समर्थ विद्यालय मे बतौर मुख्य लिपिक कार्यरत थे के साथ मधुकर सायरे,विद्यमान नगराध्यक्ष दिलीप देशमुख,चंद्रकांतभाई ठक्कर,अरविंद अम्बागड़े, वसंतराव डामरे,बबन क्षिरसागर, अरुण पोकले,दयानंद रेवतकर,विकास तोतडे,दुर्गेश खेडगरकर,संजय गाडगिलवार, ऋषिकेश किंमतकर,सुमित कोठारी,रितेश चौकसे,बजरंग फोरम व इलेवन स्टार के सहयोग से मंदिर का जीर्णोद्धार किया और कमेटी बनाकर उत्सव की व्यवस्था देख रहे हैं।कोरोणा प्रभाव से भक्तों की भिड तो हरसाल के मुताबीक नही दिखाई दे रही है लेकीन माताराणी के भक्त शासन दिशानिर्देश मानते हुये नवरात्रोत्सव मना रहे है.
Maharashtra News Media सच की आवाज