*महाविद्यालयीन शिक्षण समाजहित का माध्यम बने – प्राचार्य सुनिल कुमार नवीन*
*काटोल में गणित तथा रसायनशास्त्र विषयों का संशोधन केंद्र को मंजूरी*
काटोल संवाददाता – दुर्गाप्रसाद पांडे
काटोल – शिक्षण यह समाज परिवर्तन का प्रभावी शस्त्र है.। मनुष्य को अपने कर्तव्य व अधिकार की जानकारी शिक्षण से ही मिलती है। महाविद्यालयीन शिक्षा लेते समय समाज में समाज में जनजागृती बहूतही महत्वपूर्ण होती है ।यह जानकारी प्राचार्य सुनिल कुमार नवीन द्वारा 10जुलाई कोआयोजीत कोरोना संकट काल में महाविद्यालय तथा छात्रों का योगदान इस विषय पर आयोजीत एक दिवसीय कार्यशाला के आयोजन के अवसर पर जानकारी दी। उन्होने बताया की
विगत 23मार्च 2020के बाद वैश्विक महामारी कोरोना के संकट काल के अवसर पर महाविद्यालयीन प्राध्यापक तथा छात्रों द्वारा समाज में जनजागृती ऑन लाईन सेमीनार के माध्यम जनजागृती की गयी जिसमें संपुर्ण राज्य में प्रथम स्थान अर्जित किया, साथ कोरोना संकट काल में तनाव कम करना, रोग प्रतिकारक शक्ती बढाने तथा सुदृढता के लिये के ऑनलाईन वर्कशॉप आयोजित किया गया जिसमें राज्य , देश विदेश के राष्ट्रिय तथा आंतरराष्ट्रीय सेमीनार में अमेरीका, फ्रान्स, ब्रिटन जैसे प्रगतीशील राष्ट्रों के साथ 24 देशो ने हिस्सा लिया यह जानकारी नबीरा महाविद्यालय के प्राचार्य सुनिल कुमार नवीन द्वारा दी गयी। साथ हो कोरोना काल में महाविद्यालय प्राध्यापक,शिक्षक तथा शिक्षकेतर कर्मचारीयोंद्वारा पी पी ई किट्स, सैनिटायजर, फेसशिल्ड, ऑक्सीजन काॅन्संट्रेटर, टेंप्रेचर गन, की सहायता स्थानिय ग्रामिण रूग्णालय को भेट दि गयी।इसी प्रकार महाद्यालय को रसायनशास्त्र तथा गणित में पी एच डी के लिये संशोधन केंद्र की मंजूरी प्राप्त होने की जानकारी भी प्राचार्य एस के नवीन द्वारा दी गयी है।
इस अवसर पर डाॅ, बारसागडे, डाॅ तिवारी,डाॅ जी के खोरगडे, डाॅ तेजसिंह जगदले, डाॅ वासवाणी, डाॅ कैलास मोरे,उपस्थित थे। संचलन डाक्टर आदिल जिवानी तथा आभार डाॅअश्विनी दातीर व जि के खोरगडे द्वारा किया गया!
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