Breaking News

*अनाथों की माता पुष्पाबेन देसाई*

*अनाथों की माता पुष्पाबेन देसाई*

मुख्य संपादक – किशोर ढूंढेले

सावनेरः पीछले आठ दशकोसे समाजसेवा का व्रत लेकर अपने महिला उत्थान,निराश्रित,आदिवासी,मागसवर्गीय बहुजनोके उत्थान के लीये उनके लोकाभिमुख कार्योसे सावनेर तहसील ही नही तो समुचे महाराष्ट्र मे जीनका नाम बडेही आदारसे लीया जाता है ऐसी श्रीमती पुष्पाबेन कांजीभाई देसाई का जन्म 1 मार्च, 1926 को मुंबई में हुआ था। 18 साल की उम्र से ही वह समाज के लिए कुछ करना चाहती थी। इसीलिए वह महात्मा गांधी के संपर्क में आई। उन्होंने वर्धा के सेवाग्राम आश्रम में रहकर अपना घर और परिवार छोड़ दिया तथा सामाजिक कार्य करने लगीं।*


*पुष्पाबेन के जीवन की असली प्रेरणा महात्मा गांधी और आचार्य भंसाली महाराज हैं। उनके विचारों से प्रेरित होकर, पुष्पाबेन ने अपना पूरा जीवन सामाजिक कार्यों के लिए समर्पित कर दिया*

*महात्मा गांधी की मृत्यु के बाद, भंसाली महाराज और पुष्पाबेन सावनेर तालुका के टाकली गाँव में आए और 1952 में भंसाली ग्राम सेवा मंडल की स्थापना की।जीससे यह गाव भंसाली टाकली के नाम से जाने जाना लगा. इस संस्था के तहत 1960 में एक अनाथालय शुरू कर निराश्रितोको आश्रय दीया जाने लगा*

*भंसाली महाराज के निर्वाण के बाद पुष्पाबेन उनकी मानस पुत्री के रूप में आश्रम का सफलतापूर्वक संचालन कर रही हैं।उन्होंने गरीब अनाथों के पालन-पोषण और उत्थान के लिए क्षेत्र में अनाथालय और छात्रावास शुरू किए। गरीब, सुशिक्षित और जरूरतमंद महिलाओं को रोजगार प्रदान करणे हेतू प्रयास किया.जो आजभी निरंतरतासे जारी है*

*ग्राम सेवा की यात्रा 1950 में भंसाली टाकली आश्रमको अपना विश्व मानकर भंसाली बेसिक स्कूल ने 1950 में गरीब बच्चों के लिए अपने दरवाजे खोले और एक मजबूत समाज की नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। केली।वह हमेशा महिलाओं की जागरूकता, शिक्षा के प्रसार, जनता की शिक्षा के लिए प्रयासरत रहती हैं। उन्होंने न केवल नागपुर जिले में बल्कि चंद्रपुर में एक पालनाघर, भंडारा देवली, आंगनवाड़ा में एक छात्रावास, नागपुर में एक छात्रावास और एक आश्रम की स्थापना करके बहुमूल्य सामाजिक योगदान दीया।जो आज भी उनके 97 वर्षकी आयु मे भी जारी है*


*उनका मानना ​​है कि महिलाओं की मदद करना, उन्हें आत्मनिर्भर बनाना, खादी ग्रामोद्योग के माध्यम से पच्चीस चरखे लाकर महिलाओं की मदद करना ही जीवन में वास्तविक संतुष्टि है।उनका मानना है कि हर महिला को अपनी स्वतंत्र राय व्यक्त करनी चाहिए और शिक्षा प्राप्त करके और अपने पैरों पर खड़े होकर खुद को साबित करना चाहिए। आज उन्होंने बहुत सारे सामाजिक कार्य किए हैं और उनका लक्ष्य है कि शादी समारोह के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के लिए गाँव में एक बड़ा हॉल बनाया तथा छात्र छात्राओ के लिए एक अत्याधुनिक जिम की व्यवस्था करणा उनका आगामी लक्ष है.आदिवासी बहुजन बच्चों के कल्याण के लिए उनके काम के लिए उन्हें 1976 में महाराष्ट्र सरकार द्वारा “दलित मित्र” सन्मानसे सम्मानित कीये जानेके साथ ही उन्हें अपने सामाजिक कार्यों के लिए अनेअ पुरस्कारोसे सन्मानित कर अनकी अखंडित समाजसेवा के प्रती कु्तज्ञता व्यक्त की*

*विश्व महिला दिवस के अवसरपर भंसाली सेवाआश्रम मे संपन्न आयोजन मे ललिता गहरवार,प्रेमाबेन ठाकुर,खुशाल ढोले,नरेन्द्र बैस,रेखाताई मोतीलींगे,ओमप्रकाश सेंगर,सौदिप मोरांडे,सागर पींपळे,महादेव आजबले,रामराव पाल,उज्वला गायकवाड आदीने प्रमुख रुपसे उपस्थित रहकर ईस आयोजन को सफल बनाया ईस अवसवर ग्राम टाकली भंसाली क्षेत्रमे कार्यरत समाजसेवी महीला,आशावर्कर,बचत गट अनेक संघटनोसे जुडी महीला तथा आश्राके छात्र छात्राओने सहभागी होकर यह जागतिक महिला दिवस बडेही धुमधामसे मनाया*

*अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ऐसे गरीब अनाथों की इस माँ पुष्पाबेन देसाई के दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की हम कामना तथा उनका कुशल मार्गदर्शन प्राप्त होते रहे ऐसी कामना उपस्थितो ने की*

Check Also

*सुनील केदार यांनी मुस्लिम बांधवांना ईदच्या शुभेच्छा दीला*

🔊 Listen to this *सुनील केदार यांनी मुस्लिम बांधवांना ईदच्या शुभेच्छा दीला* मुख्य संपादक – …