*लाँज व्यवसाय का घीनौना सच…!!! भाग (1)*
*परोसी जाती है देहव्यवसाय मे लीप्त युवतीयाँ*
सावनेर ःशहरके केशव लाँजमे शारीरिक संबंध बनाते हुये युवककी आकस्मिक मौतसे जहा जनमानस स्तब्ध है.वही शहरके दर्जनो लाँजमे चल रहे अनैतिक देहव्यवसाय की परत दर परत खुल नये नये राज उजागर हो रहे है.जो इस घीनौने व्यवसाय का असली सच बया करता है.

*शहरके रिहायशी इलाकोके गली कुचो के साथ साथ खेत खलीयान तथा मुख्य रास्तेपर घडल्लेसे खुलते लाँज सारे नियमोको धाता बताकर लाँजकी आडमे संचालक देहव्यवसायको बढावा देकर शहरकी आबोहवा और संस्कृती के साथ खुलेआम खीलवाड कर रोजाना लाखोकी माया काट रहे है.इस घीनौने व्यवसायमे शहरके कुछ स्वयंभू समाजसेवीयोकी लिप्तता के साथ ही स्थानिक अधिकारी तथा संबंधित अधिकारीयोपर धौस जमाने हेतू छुटभैयोके साथ साथ कुछ लाँज संचालक क्षेत्रके कद्दावर नेता विधायको के बडे बडे बोर्ड लाँजके प्रवेश व्दारपर लगाकर उनकी छबी भी जनसामान्यमे बिघडनेसे तक नही चुकते*

*लाँज मे उपलब्ध होती युवतीया*
*शहरके लाँज क्षेत्रमे रहणेवाले लोगोकी माने तो सुबह पाच बजेसे शहरके लाँजोमे शालेय तथा विद्यालयीन छात्र छात्राओका ताता लगा रहता है.तो वही शहरके हर लाँजमे देहव्यवसायमे लिप्त चार छे युवतीया,महिला यहातक की नाबालीक लडकीयाँ उपस्थित रहणेकी तथा लडकी पसंद करो और कमरेमे जाओ का खेल धडल्लेसे जारी होनेकी जानकारी निकलकर आरही है.लाँज परिसरमे रहणेवालोने अपना नाम आगे ना आनेकी शर्तपर बतया की सटवामाता क्षेत्रके केशव,सुर्या,संकेत आदी लाँजोके साथ साथ अन्य लाँजोमे खुपीयाँ रास्ते तथा ऐसे छिपे कमरे है जहा अचानक हुयी कारवाईके दौरान इन्हे छिपाया या बाहर निकाला जता है.तो वही लाँज संचालक,मँनेजर तथा दलालोके पास इस घीनौना व्यवसायमे लिप्त आस पडोसके गाव शहरोके साथ साथ मध्यप्रदेशकी अनेक युवतीयो फोटो और कँटलाँग उपलब्ध होते है.जो पसंद हो वो बाला पलमे उपलब्ध हो जाती है.*
*मंजन,तेल बेचनेवाले चंद दिनोमे बने करोडोपती*

*लाँजके इस घीनौने व्यवसायका यह एक सच बाहर निकलकर आरहा है की कुछ वर्ष पहलेतक पाच सात रुपयेवाला मंजन तथा पच्चीस तीस रुपयेके आयुर्वेदिक तेल बेचनेवाले देखते देखते करोडपती बन गये.और शहरके साथ साथ अन्य शहरोमेभी लाँज संचालीत कर ईस लाँज व्यवसाय के आडमे इस देहव्यवसायसे रोजाना लाखोकी माया जमा कर रहे है.यह बात कीसीसे छीपी नही.*

*शहरके हर लाँजकी बारीसे उचीत जाँच की जाय तो लाँज व्यवसाय के आडमे शुरु जिस्मफीरोशीके इस धंदेका काला सच और घीनौना रुप उजागर होते देर नही लगेगी*
*रिहायशी इलाकोके लाँज बंद कीये जाय*

*स्थानिक बस स्टँड क्षेत्रके सटवामाता माता परिसरके रिहायशी व मुख्यमार्गापर स्थीत ट्युशन क्लासेस,दवाखाने आदीके करिब स्थीत लाँजोकी मान्यता रद्द करनेकी माँग सावनेर तहसीलदार,उपविभागीय अधिकारी,पोलीस प्रशासन,जिल्हाधिकारी आदीसे क्षेत्रके समाजसेवी तथा नागरिकोने की लेकीन अबतक स्थानिक प्रशासन कोई ठोस कदम उठानेमे अबतक तो नाकाम ही सिध्द हुआँ है.समय रहते शहरके लाँजमे चलरहे अवैध व्यवसाय पर नकेल ना कसी गयी तो शहरके कई ईलाके बदनाम गलीयोके नामसे पहचाने जाने लगेंगे जीसकी शुरुवात सटवा माता मंदिर परीसरसे हो चुकी है.साथही क्षेत्रमे रहणेवाले लोगोको अपने बच्चोके भविष्य का डर सताने लगा है.तथा इस क्षेत्रमे चल रहे लाँजोकी मान्यता रद्द कर उन्हे बंद करणेकी मांग उठने लगी है*
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