*पशु वैद्यकीय अधिकारी,कर्मचारी उपलब्ध कराये*
*प्रादेशिक पशुसंवर्धन सहआयुक्त को सोपा ज्ञापन*
सावनेरः महाराष्ट्र शासन के राज्यस्तरीय पशु वैद्यकीय दवाखाना सावनेर तहसील के कुल 9 गावों में है। पिछले कई महीनों से सिर्फ एक दो डॉक्टर व कर्मचारी के भरोसे पूरे अस्पताल चल रहे है।लंपि जैसी महामारी के समय भी डॉक्टर समुचित समय के लिए उपलब्ध नही होने के कारण कई जानवरों की जाने गई। तहसील के कई गावों का दौरा कर देखने पर पता चला कि अस्पताल परिसर में कचड़े का अंबार लगा है जिससे देख कर यह समझ में आता है कि अस्पताल खुलता ही नही है।इस संदर्भ में रीजनल जॉइंट कमिश्नर ,एनीमल हसबेंडरी ,नागपुर रीजन के डॉ श्री सतिश राजू को पत्र पंचायत समिति सदस्य प्रफुल करनायके जी के साथ दिया। डॉ श्री सतीश राजू जी आश्वाशन दिए कि सभी अस्पतालों में जल्द से जल्द डॉक्टर की नियुक्ति कीये जानेकी मांग सावनेर पंचायत समीतीके उपसभापती राहुल तीवारी,सदस्य प्रफुल करणायके आदी ने की*

*ज्ञात हो की सावनेर तहसीलमे सावनेर,वाकोडी,खापा,उमरी, टाकली, दहेगाव, पीपला डाब.केलवद, माळेगाव ऐसे कुल ९ पशु चिकित्सालय है.और सबसे बडी हैरानी की बात यह है की इन ९ पशु चिकित्सालयोमे से केवल दो या तीन ही चिकित्सालयोमे डाँक्टर तथा कर्मचारी उपलब्ध है बाकी ७ पशु चिकित्सालय “राम भरोसे हिंदू हाँटेल” की तरह उपस्थिती दर्ज करा रहे है.जहा ग्रामीण क्षेत्रके कीसान भाई अपने बीमार पशुओपर इलाज कराने जाते है और बेरंग लौटनेको मजबूर है.जीससे ग्रामीणो तथा कीसान भाईयोमे तीव्र रोष व्याप्त है.*

*वही प्रादेशिक पशुसंवर्धन सहआयुक्त सतीश राजुने ज्ञापनकर्ताओको आश्वासीत कीया की शीध्रही रिक्त पदोपर नियुक्ती हेतू प्रयास तथा ग्रामीणोके पशुधन हेतू चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध करानेकी बात कही*
*वही अगर सावनेर शहरके साथ साथ तहसीलके अन्य पशु चिकित्सालयोका निरीक्षण कीया जाय तो ऐसा महसुस होता है की यह पशु चिकित्सालय खुलता भी है या नही यह यहाके परिसरमे फैली गंदगी,साफसफाई का अभाव तथा दरवाजो पर लटके ताले इनकी कार्यप्रणाली बया करते है*
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