*राजस्वमंत्री बावनकुले का रजिस्ट्रार कार्यालय का औचक निरीक्षण*
*कई अनियमितताएँ हुयी उजागर*
मुख्य संपादक
सावनेर: राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने आज नागपुर जिले के सावनेर तालुका मुख्यालय चर्चित दुय्यम निबंधक कार्यालय (रजिस्ट्रार आँफीस) का औचक निरीक्षण कियि. जिससे कार्यालय में अनियमितताएँ साफ़ दिखाई दीं। निरीक्षण के दौरान माध्यमिक पंजीयक अधिकारी अनुपस्थित थे। कार्यालय की उपस्थिति पुस्तिका में कर्मचारियों के नाम और हस्ताक्षर नहीं थे। कर्मचारियों को पहचान पत्र भी नहीं दिए गए थे। उल्लेखनीय है कि कार्यालय से कोई आधिकारिक संबंध न रखने वाले अनधिकृत लोग कार्यालय में खुलेआम इधर उघर टेबलोपर घूमते तथा कागजात देखते पाए गए…*
*इस निरीक्षण के दौरान नागरिकों से बातचीत करने के बाद, उन्होंने रजिस्ट्रार के कामकाज से जुड़ी शिकायतों का मूल कारण भी उजागर किया। नागरिकों द्वारा सेवाओं की गुणवत्ता, प्रशासन में पारदर्शिता और कार्यालय के व्यवहार को लेकर गंभीर शिकायतें की गईं।*
*इस गंभीर घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुए राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने राज्य पंजीयन महानिरीक्षक से मोबाइल पर संपर्क कर उन्हें पूरी घटना की जानकारी दी और मामले की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही, जिला कलेक्टर और स्थानीय पुलिस उपाधीक्षक सागर खर्डे को भी नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से लेने के आदेश दिए।*
*इस अवसर पर विधायक डॉ. आशीष देशमुख, भाजपा जिला अध्यक्ष मनोहरराव कुंभारे नागपुर जिला ग्रामीण (काटोल), सावनेर तालुका अध्यक्ष मंदार मांगले सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति और नागरिक उपस्थित थे।इस दौरान निर्भीड के संपादक पांडुरंग भोंगाड़े और मौके पर मौजूद अन्य पत्रकारों ने राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले से उक्त दौरे के बारे में पूछा, तो वे बिना कोई जवाब दिए चले गए।*
*राज्य के राजस्वमंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे, क्षेत्रके विधायक, जिलेके जिल्हाधिकारी एंव राजस्वमंत्री के लावलक्षर मे उपस्थित जिलेके पदाधिकारी, आला अफसरोके साथ अचानक सावनेर तहसील कार्यालय स्थीत रजिस्टर आँफीस मे आ धमकना यह घटना समझसे परे है. इसके पीछे जरुर कोई बडी वजह छिपी हो सकती है.ऐसा जानकारो का मानना ही नही अपीतू जन चर्चाका विषय है.*
*जब हमारे स्थानीय प्रतिनिधि ने सावनेर की रजिस्ट्रार संजना जाधव से इस मुद्दे पर बात की, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि उक्त कर्मचारी मेरे सावनेर में कार्यभार ग्रहण करने के पहलेसे ही यहां कार्यरत है, वह पिछले कई वर्षों से कार्यरत है। मैंने किसी की नियुक्ति नहीं की है। मैं नियमों के अनुसार काम करती हूँ, इसलिए सरकारी राजस्व डुबने का सवाल ही नहीं उठता। और जहाँ तक आज मेरी अनुपस्थिति की बात है, तो मैं छुट्टी पर हूँ। राजस्व मंत्री का अचानक आना एक साज़िश है।*