*चुनावी संग्राम की शुरुवात*
*सावनेर नगर विकास आघाड़ी का भाजपा को प्रस्ताव*

*नगराध्यक्ष पद की उमेदवारी सहित पाँच प्रभागों की माँग*
*रणनीतिक तैयारी की शुरुआत…*
सावनेर : स्थानीय सावनेर नगर परिषद के आम चुनाव में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच, सावनेर नगर विकास आघाड़ी ने अचानक भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले से भेंट कर अपना प्रस्ताव औपचारिक रूप से प्रस्तुत किया है।

सावनेर नगर परिषद में सुनील केदार गुट को मात देने के उद्देश्य से पिछले 28 वर्षों से भाजपा और नगर विकास आघाड़ी मिलकर सत्ता पर काबिज रही है। पिछले 18 वर्षों से यह गठबंधन लगातार सत्तारूढ़ है।
आघाड़ी के प्रस्ताव में वर्ष 1997 के पंचवार्षिक चुनावों का उल्लेख किया गया है, जब भाजपा का संख्याबल कम होने के बावजूद आघाड़ी ने एडवोकेट पल्लवी मुलमुले को समर्थन देकर उन्हें नगराध्यक्ष पद पर आसीन किया था।

वर्ष 2007 के चुनाव में नगराध्यक्ष पद अढ़ाई-अढ़ाई वर्षों के लिए आरक्षित था। आघाड़ी का संख्याबल अधिक होने के कारण यह तय किया गया था कि पहले दीढ़ वर्ष आघाड़ी के पास पद रहेगा और शेष एक वर्ष भाजपा के पास। तय अवधि पूर्ण होते ही आघाड़ी के नगराध्यक्ष एडवोकेट अरविंद लोधी ने त्यागपत्र देकर भाजपा को नगराध्यक्ष पद सौंपा था।
हालांकि, आगे के कार्यकाल में कुछ भाजपा समर्थित नगरसेवकों ने केदार गुट से हाथ मिलाकर सत्ता परिवर्तन किया था।
वर्ष 2012 के चुनाव में जब भाजपा के केवल दो नगरसेवक थे, तब भी उपाध्यक्ष पद भाजपा समर्थक को प्रदान किया गया।
वर्ष 2013-14 में सीमा विस्तार के बाद हुए चुनावों में आघाड़ी ने पूर्ण समर्थन देते हुए भाजपा के तीन नगरसेवकों — रामराव मोवाडे, राजू घुगल और अन्य — को विजयी बनाया।
वर्ष 2017 के चुनाव में भी आघाड़ी ने तत्कालीन नगराध्यक्ष सौ. रेखा मोवाडे को समर्थन देकर प्रभाग क्रमांक 1 और 2 में भाजपा-आघाड़ी गठबंधन को सर्वाधिक मतों से विजय दिलाई।
इन सभी ऐतिहासिक घटनाओं का संदर्भ देते हुए, आघाड़ी ने एक बार फिर सुनील केदार गुट को नगर परिषद की सत्ता से दूर रखने और अपने योगदान का सम्मान बनाए रखने के उद्देश्य से, इस सार्वत्रिक चुनाव में धर्मनिरपेक्ष मतदाताओं को साथ लेकर नगराध्यक्ष पद की उमेदवारी तथा कम से कम पाँच प्रभागों (क्रमांक 1, 2, 3, 5 और 8) सहित एक स्वीकृत सदस्य की माँग का प्रस्ताव भाजपा नेतृत्व के समक्ष रखा है।

यह प्रस्ताव आघाड़ी के प्रमुख नेता एवं सुनील केदार गुट के कट्टर विरोधी एडवोकेट अरविंद लोधी ने अपने शिष्टमंडल सहित भाजपा के वरिष्ठ नेतृत्व को सौंपा।
सावनेर का राजनीतिक परिदृश्य वर्षों से भाजपा और नगर विकास आघाड़ी की रणनीतिक शतरंज पर टिका रहा है। दोनों दल हमेशा से केदार गुट को परिषद की सत्ता से दूर रखने में सफल रहे हैं। यदि इस बार भाजपा आघाड़ी को नगराध्यक्ष पद की उमेदवारी प्रदान करती है, तो कई वरिष्ठ नेता इस गठबंधन को एक बार फिर सावनेर नगर परिषद की सत्ता में लाने की पूरी तैयारी में नज़र आ रहे हैं।
*आघाडी प्रमुख एड्.अरविंद लोधी के इस मास्टर स्टोक से राजनैतिक हलकोमे हलचल मची हुयी है.वही भाजपाके अध्यक्ष पद के संभावीत प्रत्याशीयो के माथेपर बल पडकर चिंता का वातावरण निर्माण देखा जा रहा है.*
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