*सावनेर तहसील क्षेत्र में अबतक 64 कोरोना पाँजेटिव्ह मरीज*

*सावनेर तहसील नागपुर जिला ग्रामीण मे तीसरे नंबर पर*

*तहसील का प्राथमिक आरोग्य केंद्र पाटणसावंगी सबसे आगे*
*मुख्य संपादक किशोर ढुंढेले*
*सावनेर– नागपूर जिल्हे की सावनेर तहसील मे कोरोना अपने पाव फैलाता जहाँ रहा है, सोमवार को सुबह सावनेर तहसील मे 14 नये मामले सामने आये है . इनमे सावनेर शहर से वहां के निजी अस्पताल के डॉक्टर और सावनेर तहसील में कार्यरत संजय गांधी निराधार योजना मे कार्यरत कर्मचारी का बेटा तथा पाटनसावंगी के वेकोली कर्मचारियों की सदभावना कॉलोनी से 7, दहेगाव से 4, वलनी से एक पॉजिटिव मिले है.*

*सावनेर तहसील क्षेत्र में कोरोना पॉजिटिव मरीजो की संख्या 64 तक पहुच चुकी है. वही सावनेर तहसील क्षेत्र से प्राथमिक आरोग्य केंद्र पाटणसावंगी क्षेत्र कोरोना का हॉटस्पॉट बनता दिखाई दे रहा है. इस क्षेत्र से अभी तक 23 मामले सामने आए. चचोली प्राथमिक आरोग्य केंद्र से 14,खापा प्राथमिक आरोग्य केन्द्र से 5,केळवद प्राथमिक आरोग्य केंद्र से 1 और बडेगांव प्राथमिक आरोग्य केंद्र क्षेत्र से 1 कोरोना के मरीज पाए जा चुके है. तो वही सावनेर शहर से 20 मरीज मील चुके है.*

*नागपुर जिल्हे के 13 तहसीलो मे से कामठी में सबसे ज्यादा 350 से अधिक मरीज मिले, वही दुसरे नंबर पर हिंगणा तो तिसरे नंबर सावनेर आ पहुंचा है*

*अँन्टीजेन टेस्टींग पर गहराता संदेह*
*कोरोना वायरस के चपेट मे आये संदिग्ध मरिजो मे कोरोना के लक्षण जाँचने हेतु फीलहाल अँन्टीजेन और आरटीपीसीआर ऐसे दो प्रकार की जाँच की जारही है जिसमे सर्दी जुकाम और खासी के लक्षण पाये जानेवाले की पहले अँन्टीजेन जाँच की जाती है जिसकी रिपोर्ट तत्काल जाती है तो वही आरटीपीसीआर टेस्टींग की रिपोर्ट जिल्हा मुख्यालय से करीबन एक दिन बाद आती है.*

*अँन्टीजेन टेस्ट मे पाँजेटिव्ह पाये गये मरिजो की आरटीपीसीआर टेस्ट रिपोर्ट अकसर निगेटिव्ह आने से अँन्टीजेन टेस्ट को संदेह के नजरोसे देखा जा रहा है*

*एक ओर ग्रामीण क्षेत्र मे दिनबदिन मरिजो की बढती संख्याने भी प्रशासन के दावो की पोल खोलना शुरु कर दी है ज्ञात हो की वेकोली बजाज कालोनी मे पाये गये कोरोना पाँजेटिव्ह पेशंट को घरसे उठाने मे प्रशासन को पुरे 30 घंटे का वक्त लगा था जिससे आम जनता मे भय का वातावरण तो निर्माण हो गया था ,साथ ही प्रशासन को भी काफी खरीखोटी सुननी पडी,वही जिस क्षेत्र मे कोरोना पाँजेटिव्ह मरीज पाया जाता है वहा के ऐरीया को सील करणेमे भी स्थानिक प्रशासन दुजाभाव करणे लगा है ऐसे आरोप खुलेआम लगने लगे है.*

*वैसे तो मरीज मीलते ही उसके घरके आसपास के तकरिबन 12-15 घर तथा वहा पहुँचनेवाले मुख्य रास्तो को सील कीया जाता है कींतू कल रेल्वे स्टेशन रोड पर मीले रुग्ण के घरको सील कर आजुबाजुके येरीया को सील क्यो नही कीया गया इस विषयपर भी नगरवासियो मे नाराजी है*
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