*वर्धा रमाई आवास योजना घोटाला, 22 लाभार्थियों के खिलाफ एफआईआर*
*जोडे थे फर्जी जाति प्रमाणपत्र*
*सरकार को लगाया 16.65 लाख का चुना*
वर्धा प्रतिनिधि- पंकज रोकड़े
वर्धा- अनुसूचित जाति का फर्जी प्रमाणपत्र जोडकर रमाई आवास योजना का लाभ उठाने का मामला प्रकाश में आया़ इसमें सरकार को 16.65 लाख रुपयों का चुना लगाया़ प्रकरण में वर्धा पंस के प्रभारी बीडीओ संजय पाटील ने थाने में शिकायत दर्ज की़ इसके आधार पर सावंगी (मेघे) पुलिस ने उमरी (मेघे) के 22 बोगस लाभार्थियों के खिलाफ विविध धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है़
बता दे कि, अनुसूचित जाति के जरुरतमंद नागरिकों को उनके अधिकार का मकान मिले इस लिए सरकार ने रमाई आवास योजना चलायी है़ शहर से सटे उमरी (मेघे) ग्रापं में भी कुछ लाभार्थियों को इस योजना का लाभ दिया गया़ मार्च 2010 की कार्यपध्दति अनुसार योजना पर अमल किया गया़ वर्ष 2017 को उमरी (मेघे) ग्रापं से भी महिला लाभार्थियों का प्रस्ताव पंस की ओर भेजा गया़ प्रस्ताव में योजना के लिए लगनेवाले सभी जरुरी दस्तावेज जोडे गए थे़ पंस ने प्रस्ताव को मंजूरी देकर इसे जिला ग्रामीण विकास यंत्रणा विभाग को भेज दिया़ उक्त विभाग ने भी प्रस्ताव को मान्यता दे दी़ फलस्वरुप गांव के 22 लाभार्थियों को आवास योजना का लाभ प्रदान किया गया़ इसके लिए प्रति लाभार्थी 1 लाख 20 हजार रुपए अनुदान सरकार ने वितरीत किया़ अनेको ने मकान का निर्माण भी शुरु कर दिया़ इसी बीच जिप की ओर एक शिकायत प्राप्त हुई़ इसमें गांव के 36 में से 28 लाभार्थी अनुसूचित जाति के न होने की बात कही गई़ इससे लाभार्थियों के पैरोतले जमीन खिसक गई़ प्रकरण को भी जिप के मुकाअ ने गंभीरता से लिया़ वरिष्ठों तक इस घोटाले की शिकायत होने से मामला गरमाया़ इस घोटाले में पुलिस क्या एक्शन लेती है, इस ओर सभी की नजरें टिकी है़
एक माह तक चली जांच
अंतत: सीईओ ने मामले की जांच करने तीन सदस्यीस जांच समिति का गठन किया़ 9 जून से 10 अगस्त 2020 तक घोटाले की विस्तृत जांच की गई़ इसमें एसडीओ ने एक लाभार्थी छोडकर संबंधीत 22 लाभार्थियों को अनुसूचित जाति के प्रमाणपत्र न देने की बात उजागर हुई़ फर्जी जाति प्रमाणपत्र जोडकर सरकारी अनुदान गबन करने की बात जांच में स्पष्ट हुई़ जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट ग्रामीण विकास विभाग व सीईओं को सौंपी़ इसके आधार पर पंस के प्रभारी बीडीओ पाटील ने पुलिस में शिकायत दर्ज की़ प्रकरण में सावंगी के थानेदार रेवचंद सिंगनजुडे के मार्गदर्शन में एएसआई ओमप्रकाश नागापुरे कर रहे है़
आरोपियों में इनका समावेश
सावंगी पुलिस ने उमरी (मेघे) निवासी रजनी अरुण जगताप, तारा पांडुरंग काले, सुनीता विनोद शेलघरे, मनीषा विनोद राऊत, नलु संतोष ठाकरे, शोभा शंकर चिखलखुंदे, अरुणा लक्षण राऊत, मनीषा निरंजन राऊत, अंबा हरिचंद्र नेहारे, माधुरी पुरुषोत्तम नेहारे, सुधा विठ्ठल गोडे, अरुणा अनील गोडे, प्रमीला गजानन ठगे, छाया अशोक सहारे, लक्ष्मी वसंत दरवरे, अनीता सुनील शिंदे, ज्योती सुभाष ढगे, लता दामोधर ढोले, माला वामन ढोले, इंदु श्रीराम राऊत व हर्षा प्रकाशर लहरे आदि लाभार्थियों का समावेश है़
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