*ओबीसी जाती निहाय जनगणना करे*
*तथा मराठा आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट व्दारा लगाई रोक तुरंत हटाये*
*संभाजी ब्रिगेड की मांग*
सावनेर प्रतिनिधी – सुरज सेलकर के साथ दिनेश चौरसीया
*सावनेरः संभाजी ब्रिगेड की स्थानिक शाखा व्दारा राज्य के मुख्यमंत्री उद्दव ठाकरे को तहसीलदार दिपक कारंडे के मार्फत देश और राज्य जारी जनगणना मे ओबीसी जाती की जगह ओबीसी प्रकोष्ठ मे आणेवाली सभी जाती निहाय जनगणना करणे की तथा देश के सर्वोच्च न्यायालय व्दारा मराठा आरक्षण पर लगाई गयी रोक तुरंत हटाने हेतू निवेदन प्रस्तुत कीये*
*ज्ञात हो सण 1931 जाती निहाय जनगणना हुयी थी और उसके बाद 1941 मे व्दितीय विश्वयुध्द के कारण जनगणना नही हो सकी और देश आजादी के बाद 1951 मे चुनावो के चलते भी जनगणना महत्त्व नही दिया गया और जबसे देश आझाद हुआँ तब से राजकीय पार्टीयो मे उच्चवर्णीयो का प्रभुत्व होणे से और ओबीसी प्रवर्ग मे आणेवाली अन्य पीछडी जातीओ की स्वतंत्र जनगणना अगर की जाती तो इन जातीयो के उत्थान के लीये केन्द्र सरकार और राज्य सरकारो को अपने बजेट मे विशेष प्रावधान कर निधी उपलब्ध करना आवश्यक होता इसीलीये जनगणना मे सामुहिक तौर पर ओबीसी जाती की गनणा शुरु की गयी ऐसा जाणकारो का मत है.और तभी से जनगणना मे ओबीसी प्रवर्ग मे आनेवाली सभी जातीयो की स्वतंत्र रुपसे जनगणना की जाय यह मांग उठती रही लेकीन हर बार इस महत्वपुर्ण मांग को नजर अंदाज कीया जाता रहा है*
*केन्द्र एंव राज्य सरकारोके दिशानिर्देशोपर जारी इस जनगणना मे जाती निहाय जनगणना तथा देश के सर्वोच्च न्यायालय व्दारि मराठा आरक्षण पर लगाई गयी रोक तुरंत हटाये जाने की मांग संभाजी ब्रिगेड के विभागीय अध्यक्ष दिनेश इंगोले एंव तालुका अध्यक्ष पवन लांबट के नेतृत्वमे तहसीलदार मार्फत मुख्यमंत्री उद्दव ठावरे महाराष्ट्र शासन को निवेदन प्रस्तुत कर मांग की है.अगर संभाजी ब्रिगेड की इन मांग को शासन व्दारा नजरअंदाज कीया गया तो तिव्र आंदोलन की चेतावणी भी इस अवसर पर प्रसार माध्यमोसे बात करते वक्त संभाजी ब्रिगेड के पदाधिकारीयो ने दी*
*इस अवसर पर अनिल घटे,गणपती पठाने,विनोद मानकर,कपील ढवंगाळे,विनोद द तांदुळकर, विक्रम गमे,प्रशांत दोरखंडे,प्रियांक सातपुते, आर्यन चित्तेविर,जामुदेव कारोकार, अभिषेक बागडे,राजु सोनटक्के सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे*
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