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*सावनेर शहरमे कभीभी हो सकता है बडा ब्लास्ट* *रास्तोपर खुलेआम घुम रहे कोरोना पाँझेटिव्ह बम*

*सावनेर शहरमे कभीभी हो सकता है बडा ब्लास्ट*

*रास्तोपर खुलेआम घुम रहे कोरोना पाँझेटिव्ह बम*

मुख्य संपादक – किशोर ढूंढेले

सावनेरः दुसरे चरणके कोरोना के आगमन के बाद शहरमे कोरोना मरिजोकी संख्यामे कमी आनेके बजाय निरंतर बढोतरी ही हो रही है दि.10 मार्च को सावनेर शहर मे कुल 39 पाँझेटिव्ह मरीजोकी नयेसे पहचान होने पर भी नगर प्रशासन का सुस्त रवैय्या जसके तस ही नजर आरहा है.


ज्ञात हो की नागपुर जीलेकी 13 तहसीलो मे सावनेर तहसील स्तरपर एंव शहरमे रोजाना पचासो नये मरीज पाये जारहे जिससे आम नागरिकोके जानपर बन आई है.बढते कोरोना मरिजोके रोकथाम हेतु नगर प्रशासन कोई ठोस कदम उठाते नजर नही आर हे वही रोजाना सडकोपर भी भारी भीड के साथ साथ कोरोना पाँझेटिव्ह मरीज खुलेआम घमते नजर आने से सावनेर शहर मे अचानकसे मरीजोकी संख्या मे इजाफा होने की बात जानकार कर रहे है.

*बेखौफ घुम रहे कोरोना पाँझेटिव्ह पर सख्त कारवाई की मांग*

शहर के मुख्य बाजार और रास्तोपर हालही मे कोरोना पाँझेटिव्ह हुये मरिजोकी उपस्थिती कोई नयी बात नही.और ऐसे भी नही की नगर प्रशासन व आला अधिकारीयोको इसकी खबर नही,आला अधिकारीयो को खबर होने और सुचनाये देणेपर भघ उनके कानोपर जु तक नही रेंगती.कभी कभार कारवाई के नाम पर कोरोना संक्रमणग्रस्त के घर पहुचकर उसे समझ देकर मात्र खानापुर्ती कीये जानेसे शहर की स्थिती दिन ब दिन भयावह बनते जारही वक्त रहते स्थानिक नगर प्रशासन हरकतमे ना आया तो संपूर्ण सावनेर शहरमे कोरोना संक्रमण का तांडव होकर नगरवासीयो पर बेमौत मरने की नौबत से नाकारा नही जा सकता.


*पुर्णकालीन मुख्याधिकारी न होना सबसे बडी समस्या*

*शहर मे बढ रही कोरोना संक्रमीत मरिजोकी संख्या एं उपाययोजना के आभाव एंव लचर कार्यप्रणाली के तह तक हमारे स्थानिक संवाददाता ने पहुचकर जानकारी प्राप्त करणेकी कोशीश की तो उसमे नगर पालीका मे स्थायी मुख्याधिकारी न होनेसे अधिकारी कर्मचारीयोकी कार्यप्रणाली पर असर स्पष्टतासे दिखाई देता है तो वही नगर प्रशासन के कुछ कर्मचारीयो अपना नाम आगे न आने की शर्त पर बताया की हम कारवाई करणे जाते है तो लोग ही हमे भला बुरा कह गाली गुप्तार करते है.जिससे हम भी सख्त कारवाई नही कर सकते.अगर आला अधिकारी चाहे तो सावनेर शहर पर मंडरा रहा यह खतरा और रोजाना बढ रही संक्रमीत मरीजोकी संख्या मे कमी लायी जासकती है.इसके लीये अस्थायी तौर पर कार्यरत प्रभारी मुख्याधिकारी को रोजाना कमसे कम चार घंटे नगर पालीकामे उपस्थिती रहकर नगरीके सुरक्षा हेतू कीये जारहे कार्यापर नजर रखे और वक्त पडे तो अपने अधिनस्त कर्मचारी अधिकारीयोके साथ खुद स्थिती का जायजा ले या राज्य सरकार यथाशिध्र नगर पालीका को स्थायी तौरपर मुख्याधिकारी दे ऐसी मांग शहरकी जनतासे उठने लगी है.

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