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*MOIL के भुगतान पर KUNDERGI को मिली FIVE STAR CLUB की आजीवन सदस्यता* *मामले के दोषी अधिकारियों की जाँच मंत्रालय के CVO,CVC कर रहे,दोषी वर्त्तमान CMD द्वारा जाँच में बाधा डलवाकर EXTENSION लेने के फ़िराक में*

*MOIL के भुगतान पर KUNDERGI को मिली FIVE STAR CLUB की आजीवन सदस्यता*

*मामले के दोषी अधिकारियों की जाँच मंत्रालय के CVO,CVC कर रहे,दोषी वर्त्तमान CMD द्वारा जाँच में बाधा डलवाकर EXTENSION लेने के फ़िराक में*

विशेष प्रतिनिधि

नागपुर – केंद्र सरकार का कानून DELIGATION OF POWER के अनुसार MOIL CMD/DIRECTOR OF FINANCE को MOIL की ओर से किसी भी स्तर के HOTEL/CLUB में अपने कंपनी का विज्ञापन/प्रचार/प्रसार करने के लिए सालाना 1 लाख रूपए खर्च करने की अनिवार्यता के बावजूद वर्ष 2016 में 15 लाख रूपए खर्च किया गया.इस खर्च के बदले में तत्कालीन CMD GURURAJ PANDURANG KUNDARGI को निजी रूप से आजीवन (LIFE TIME) सदस्यता दी गई.तत्कालीन GENERAL MANAGER ( PERSONNEL) जो आज EXECUTIVE DIRECTOR हैं,इन्होंने अपने पदोन्नत बाद बतौर EXECUTIVE DIRECTOR 30 मई 2020 को सम्बंधित STEEL MINISTRY और उसके CVO,CVC से करते हुए सरकारी पैसों का दुरुपयोग मामले में जाँच की मांग की,इस जाँच में बाधा डालते हुए वर्तमान CMD केंद्रीय मंत्री व RSS पदाधिकारियों में अपने पहुँच का इस्तेमाल कर रहे,फ़िलहाल सम्बंधित मंत्री ने चुप्पी साध रखी हैं.इसका फायदा वर्तमान CMD MUKUND CHAUDHARI को हो सकता हैं क्यूंकि वे शाम-दाम-दंड-भेद लेकर अगले 1 वर्ष के लिए बतौर CMD पद का EXTENSION हेतु प्रयासरत हैं.

याद रहे कि वर्ष 2016 में पिछले CMD GP KUNDARGI को नगर के एक पंचतारांकित क्लब की आजीवन सदस्यता की चाहत थी.तय रणनीति के अनुसार उक्त क्लब ने 22 अप्रैल 2016 को एक पत्र MOIL CMD के नाम भेज,क्लब में जॉगिंग ट्रैक निर्माण और उस ट्रैक के 100-100 मीटर पर MOIL का विज्ञापन का स्टैंड लगाने हेतु 1625000 रूपए का खर्च की जानकारी दी.फिर यह राशि देने हेतु CMD कार्यालय में (CMD/ADVT/2016) का प्रस्ताव तैयार किया गया.इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर के लिए तत्कालीन CMD के OSD S MUTHURAMAN ने तत्कालीन GM(PERSONNEL) को अपने कक्ष में बुलाया।

इस मामले पर तत्कालीन GM(PERSONNEL) ने तत्कालीन EXECUTIVE DIRECTOR(TECH.) DS SHOME से सलाह तो उनके निर्देश पर पहले  तत्कालीन GM(PERSONNEL) ने फिर 13 मई 2016 को तत्कालीन EXECUTIVE DIRECTOR(TECH.) DS SHOME,16 मई 2016 को तत्कालीन DIRECTOR FINANCE MUKUND CHAUDHARI और अंत में लाभार्थी तत्कालीन CMD GP KUNDERGI ने 17 मई 2016 को उस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए. 

उक्त पंचतारांकित क्लब की डिमांड 1615000 रूपए थी,जिसमें से MOIL के खाते से क्लब के खाते में 1500000 रूपए और MOIL के CONTRACTOR SANJAY अग्रवाल के खाते से 115000 रूपए दिए गए.अग्रवाल अमूमन सिर्फ ठेके लेता हैं और SUB CONTRACTOR गोयनका को दे देता हैं और गोयनका उक्त क्लब का ट्रस्टी सदस्य हैं.

उक्त राशि उक्त क्लब को CSR के तहत दी गई होती तो समझ में आता हैं लेकिन उक्त राशि 1500000 सीधे MOIL के खाते से दिया जाना गैरकानूनी हैं.इस आरोप की जाँच के लिए उक्त क्लब के सदस्य GP KHUNDERGI के खाते की जाँच से दूध का दूध और पानी का पानी हो सकतक हैं.

 शिकायतकर्ता द्वारा मॉइल के उप मुख्य सतर्कता अधिकारी को 29 और 30 मई 2020 को लिखे गए पत्र के अनुसार 

–  उक्त क्लब को मॉइल के खाते से दर्शाये गए काम के एवज में मॉइल का प्रचार-प्रसार पर खर्च के नाम पर 15 लाख रूपए देने का प्रस्ताव CMD के कार्यालय में तैयार किया गया था 

– इस सन्दर्भ में उन्हें कोई भी जानकारी नहीं,सिर्फ हस्ताक्षर के लिए तत्कालीन CMD के OSD ने उन्हें बुलाया था 

– इस प्रस्ताव का फाइल न उन्हें पढ़ने दिया गया और न ही उनके पास हैं 

– जिस कार्य के लिए निधि उक्त क्लब को दी गई,वह कार्य हुआ या नहीं,उन्हें जानकारी नहीं 

– तत्कालीन EXECUTIVE DIRECTOR ( TECHNICAL) DIPANKAR SHOME के निर्देश पर उन्होंने हस्ताक्षर कर दिया था. 

उल्लेखनीय यह हैं कि उक्त जाँच पिछले 3 साल से चल रही,इस दौरान उक्त क्लब के सदस्य और मॉइल के भुगतान खाता की आजतक जाँच नहीं की गई.ऐसी ही अंधेरगर्दी रही तो इसका फायदा वर्त्तमान CMD मुकुंद चौधरी को हो सकता हैं क्यूंकि वे एक और अतिरिक्त वर्ष बतौर MOIL CMD रहना चाह रहे.जिसके लिए उन्हें EXTENSION की जरुरत हैं.अब सवाल यह हैं कि क्या जाँच को अधर में रख सभी जाँच एजेंसी भी चाहती हैं कि CMD MUKUND CHAUDHARI को EXTENSION मिलें ?   


1 .  दिग्गजों से सिफारिश करवा रहे CMD चौधरी 

मुकुंद चौधरी मॉइल के अगस्त 2021 तक CMD रहेंगे,उनकी उम्र 59 वर्ष की हैं,एक ही पद पर 5 साल तक रहने का नियम हैं,क्यूंकि उनकी सेवाकाल का 1 वर्ष शेष है,इसलिये वे 1 वर्ष का EXTENSION के लिए पूर्ण ताकत झोंक रहे हैं.इसके लिए वे RSS पदाधिकारियों और केंद्रीय मंत्री के निकटता को भुनाने की कोशिश कर रहे,लेकिन सम्बंधित मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस मामले पर  फ़िलहाल चुप्पी साध रखी हैं.दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री के इशारे पर उक्त मामले की जाँच सम्बंधित विभाग/एजेंसी ने धीमी कर दी,ताकि CMD मुकुंद चौधरी को EXTENSION मिलने में आसानी हो. 


2. MOIL के CVO SHARADCHANDRA TIWARI का इस्तीफा मंजूर 

उक्त शिकायतकर्ता के शिकायत पर सम्बंधित मंत्रालय के CVO ने MOIL CVO को जाँच के आदेश दिए थे,MOIL के CVO ने मंत्रालय के CVO को गलत रिपोर्ट पेश की.इसकी समीक्षा बाद MOIL के CVO पर एक्शन न हो इसलिए उन्हें इस्तीफा देने का निर्देश दिया गया,उन्होंने तुरंत इस्तीफा दे दिया,जो मंजूर भी किया जा चूका हैं.

3. गृह उपयोगी सामान खरीदी के नाम पर लूट  

MOIL के PERSONNEL विभाग के रिपोर्ट के अनुसार वर्त्तमान CMD ने गृह उपयोगी सामान खरीदी हेतु MOIL के खाते से 18 लाख,CVO ने 11 लाख और निदेशक वित्त ने 10 लाख रूपए खर्च किये।जबकि सिविल और इलेक्ट्रिक विभाग से उक्त तीनों अधिकारियों ने भी काफी अनावश्यक खरीदी की,जिसकी जानकारी छिपाई जा रही.इसकी भी शिकायत वर्ष 2019 में की गई.सम्बंधित मंत्रालय ने इसकी जाँच लाभार्थी मॉइल CVO को सौंप दी.फिर मॉइल के CVO ने GENERAL MANAGER ( FINANCE) से सम्बंधित दस्तावेज की मांग की,इस अधिकारी ने सम्पूर्ण जानकारी सभी संबंधितों को दे दी हैं.

4. दिग्गज अधिकारी को CMD ने चेताया 

CMD ने शिकायतकर्ता का तबादला करने के लिए DIRECTOR HR को चेताया,अगर उसका तबादला नहीं किये तो…. इससे क्षुब्ध होकर DIRECTOR HR ने CMD की शिकायत सम्बंधित मंत्रालय में कर दी हैं.

5. खदानों की सुरक्षा रखने के लिए CISF की तैनातगी पर आनाकानी 

MOIL जैसे सरकारी PRODUCTION कंपनी में CISF की तैनातगी होनी चाहिए थी,वर्त्तमान CMD इसमें बाधा डालते रहे.जबकि CISF ने वर्ष 2009 में सुरक्षा मामले में एक रिपोर्ट तैयार किया था.

मॉइल की कुल 11 खदान और मुख्यालय नागपुर से सम्बंधित थी.प्रत्येक खदान 10 ASI सह कुल 93 सुरक्षा रक्षक की तैनातगी की जरुरत हैं.क्यूंकि कोई भी खदान 500 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में फैला हुआ हैं.

उदहारण : गुमगांव खदान का क्षेत्रफल 543 एकड़ हैं.और यहाँ मात्र 10 गार्ड हैं,इनमें से 2 खदान प्रबंधक के बंगले पर तैनात हैं.प्रत्येक शिफ्ट में 3 – 3 गार्ड भी उपलब्ध नहीं।याने शेष महत्वपूर्ण जगह लोडिंग और कांटाघर में कोई गार्ड नहीं होता।

सुरक्षा रक्षकों को REPORTING खदान प्रबंधकों को करना पड़ता हैं.जबकि मॉइल की अस्थापना में SECURITY MANAGER पोस्ट हैं,जो पिछले 4 साल से रिक्त हैं,इसके अलावा सुरक्षा-रक्षकों का 80 पद रिक्त हैं.पिछले 10 माह में चोरी आदि के 34 मामले स्थानीय पुलिस थानों में दर्ज करवाए जा चुके हैं.इससे पहले और अब माह में इक्का-दुक्का मामले ही दर्ज हो रहे.अर्थात साफ़ हैं कि खदान प्रबंधकों के शानो-शौकत को देख यही आभास हो रहा कि खदानों में बेहिसाब खनिज सम्पदा की चोरी शुरू हैं,जिस पर कोई लगाम नहीं।

6. LOW का दाम लेकर HIGH GRADE दिया जा रहा 

मैंग्नीज ओर का हाई ग्रेड 27000 रूपए/टन हैं.खदानों से सीधा व्यापारियों से LOW GRADE का दाम लेकर HIGH GRADE का मैंग्नीज दिया जा रहा.इतना ही नहीं 10 टन का दाम लेकर 20 टन दे दिया जा रहा.क्यूंकि सुरक्षा के नाम पर कोई व्यवस्था नहीं इसलिए इसका अंकेक्षण मुमकिन नहीं।और न ही GRADATION तय करने के लिए खदानों में प्रयोगशाला भी नहीं,प्रयोगशाला सिर्फ मुख्यालय में हैं,इसलिए भी धांधली पूर्ण शबाब पर हैं.इस मामले में खदान प्रबंधकों का सीधा संबंध PRODUCTION & PLANNING निदेशक SHOME से होने के कारण मामला SET हैं,अर्थात किसी को कोई खतरा नहीं।


7. 100 करोड़ खर्च लेकिन उत्पादन शून्य 

खापा माइन्स के निकट परसोडा माइन्स के लिए 2 साल पूर्व जमीनें खरीदी गई,जमीनों का मुआवजा सह 500 नौकरियां दी गई,लेकिन आजतक रत्तीभर प्रोडक्शन शुरू नहीं हुआ.क्यूंकि ऊपर सर डंडा न पड़े इसलिए मनसर के खदान से मैंग्नीज लेकर रात में परसोडा में जमा किया जाता फिर वहां से डिस्पैच कर यह दर्शाया जा रहा कि यहाँ प्रोडक्शन शुरू हैं.  

  अब सवाल उठता हैं कि उक्त उपलब्धियों के बाद क्या वर्त्तमान CMD मुकुंद चौधरी को अगले एक साल के लिए और एक्सटेंशन दिया जाना चाहिए या फिर किसी ऊर्जावान को नया CMD नियुक्त किया जाने की जरुरत हैं ताकि MOIL का फायदे में आने से राष्ट्र का उत्थान हो सके.  

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