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*कैबिनेट मंत्री सुनील बाबू केदार जी ने किसानों की समस्याओं को लेकर वेकोलि उच्चाधिकारियों के साथ की बैठक* *कई मुद्दों पर हुई चर्चा*

*कैबिनेट मंत्री सुनील बाबू केदार जी ने किसानों की समस्याओं को लेकर वेकोलि उच्चाधिकारियों के साथ की बैठक*

*कई मुद्दों पर हुई चर्चा*

कन्हान प्रतिनिधि – ॠषभ बावनकर

कन्हान – महाराष्ट्र राज्य कैबिनेट मंत्री माननीय सुनील बाबू केदार जी ने कई अहम मुद्दों पर वेकोलि उच्चाधिकारियों के साथ वेकोलि मुख्यालय में बैठक की। जहाँ पर कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई और उन पर अंतिम निर्णय लिया गया। वहीं बैठक में उपस्थित जे.बी.सी.सी.आई. सदस्य माननीय शिवकुमार जी यादव ने वेकोलि अधिकारी एवं प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में दो अतिमहत्वपूर्ण मुद्दों को मंत्री महोदय के समक्ष उठाया जो कि किसान व सर्वहितकारी हैं, जिसमें सर्वप्रथम उन्होंने मुददा उठाया कि वर्ष 2012 से महाराष्ट्र राज्य सरकार द्वारा भूमि का मुआवजा क्रमशः 6 लाख, 8 लाख एवं 10 लाख प्रति एकड़ दिया जा रहा है। उक्त नियम महाराष्ट्र राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2012 में लागू किया गया था। जिसका बिना पुनराकलन एवं संशोधन किए लगभग दस वर्षों से वही मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि इन वर्षों में भूमि का बाजार मूल्य कई गुना बढ़े हैं। वहीं RFCTLARR (Amendment) एक्ट 2015 के अनुसार भूमि अधिग्रहण पश्चात मुआवजा एवं रोजगार में कई अड़चनें आती हैं, जिससे अधिग्रहण पश्चात भी अधिग्रहित भूमि का कब्जा लेने में कंपनी को वर्षों मशक्कत करनी पड़ती है और परियोजना में अनावश्यक देरी के साथ-साथ किसानों को भी आर्थिक क्षति होती है। अतः किसानों को अधिग्रहित भूमि के बदले क्रमशः 10 लाख, 15 लाख एवं 20 लाख प्रति एकड़ से मुआवजा मिलना चाहिए, यादव जी ने निवेदन किया कि कृपया उक्त मुददे को कैबिनेट में उठाएँ ताकि किसानों को उचित न्याय मिल सके।

जिस पर माननीय मंत्री महोदय जी ने इस अति गंभीर मुद्दे को कैबिनेट मीटिंग में रखकर उचित न्याय दिलाने हेतु आश्वस्त किया।
इसी क्रम में शिवकुमार जी यादव ने दूसरा अहम मुद्दा उठाया कि एक ही परिवार के तीन भाइयों के नाम पर एक ही भूमि को अलग-अलग खरीदी गई या एक ही भूमि का अलग-अलग बंटवारा किया गया है और सातबारह (खसरा) में तीनों का नाम एक साथ आ रहा है और तीनों के नाम के सामने तीनों की भूमि का अलग-अलग रकबा भी दर्ज आता है। किंतु ऐसे प्रकरणों में वेकोलि भूमि का मुआवजा तो तीनों भाइयों को अलग-अलग देती है किंतु भूमि के बदले रोज़गार केवल किसी एक को ही देती है। जिसके कारण किसान परिवार में आपसी विवाद बढ़ रहे हैं, शिवकुमार जी ने मंत्री महोदय से आग्रह किया कि इस तरह की तकनीकी खामियों को दूरकर जिन भाइयों की रजिस्ट्री या बँटवारा अलग-अलग है उनका सात बारह भी अलग-अलग होना चाहिए। उक्त मुद्दे को ध्यानपूर्वक समझते हुए माननीय मंत्री महोदय सुनील बाबू केदार जी ने महाराष्ट्र राज्य में विस्तारित वेकोलि क्षेत्र अंतर्गत संबंधित जिला कलेक्टर से मीटिंग कर जल्द से जल्द खामियों को दूर कर उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया।

आज की बैठक में माननीय मंत्री महोदय सुनील बाबू केदार जी के साथ रामटेक आमदार माननीय आशीष जायसवाल, जे.बी.सी.सी.आई. सदस्य माननीय शिवकुमार जी यादव, मान. मनोज कुमार (वेकोलि सी.एम.डी.), नागपुर जिला परिषद अध्यक्ष, डॉ. संजय कुमार (वेकोलि निदेशक कार्मिक), अतिरिक्त्त जिला कलेक्टर, जिला परिषद सी.ई.ओ., सावनेर एस.डी.ओ., सावनेर तहसीलदार, रामटेक एस.डी.ओ., पाराशिवनी तहसीलदार, पाराशिवनी बी.डी.ओ., संबंधित ग्रामों के सरपंच एवं संबंधित प्रशासनिक व वेकोलि अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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