*न्यायालय परिसर मे कटिले पेड,गाजर घार और जलजमाव*
*जलजमाव व वढते कचरेसे जहरिले जानवरे जान का तथा मच्छरो से बिमारीयो का खतरा बढा*
*संबधीत सार्वजनिक बांधकाम विभाग कुंभकर्णी निंद मे*
मुख्य संपादक – किशोर ढूँढेले
सावनेरः शहर मे स्थीत प्रथमवर्ग न्याय दंडाधिकारी न्यायालय तथा दीवानी न्यायाधीश कनिष्ठ स्तर ऐसे कुल तीन न्यायालय स्थीत है जहा न्याय पाणे हेतू रोजाना सेकडोकी संख्यामे लोगोका आवागमन बना रहता है.इतने महत्वपूर्ण न्यायालय परिसर के रखरखाव का जुम्मा इसी न्यायालयीन इमारत से सटे सार्वजनिक बांधकाम विभाग के तरफ है.लेकीन सार्वजनिक बांधकाम विभागके नजरअंदाज व लचर कार्यप्रणालीसे न्यायालय परिसरमे गाजर घास,कटीले पेड तथा भारी जलजमाव आम जनताके साथ साथ परिसरमे रोजाना आनेवाले न्यायाधीश,अधिवक्ता तथा नागरिकोके लीये परेशानियोका सबब बन जानलेवा साबीत हो रहा है.
ज्ञात हो की न्यायालय परिसरमे आगांतुकोके लीये बैठने तथा उनके वाहनोकी पार्कींग हेतू भव्य पटांगण उपलब्ध कराया गया है परंतू स्थानिक सार्वजनिक बांधकाम विभागके दुर्लक्षसे उक्त पटांगण खुद समस्याग्रस्त है.जिसकी समय रहते उचित सफाई तथा वहा जमा होनेवाले बारिशके जलकी निकासी व उपरके उपर साफसफाई होणा आवश्यक होगया है.जलजमाव व घासके कारण रोजाना अनेक वाहनचालक तथा नागरिकोको गिरते पडते देखा जासकता है तो वही साप बिच्छू जैसे जहरिले जीवोको भी प्रागंण मे बेखौफ घुते देखा जासकता है.
सावनेर तालुका बार असोसिएशन व्दारा अनेकोबार संबधीत विभागको मौखीक सुचनाये दी परंतू स्थीतीमे कोई बदलाव नही आया.अगर स्थानिक सार्वजनिक बांधकाम विभागका ऐसीही रवैय्या जारी रहा तो इस परिसरमे कोई बडी अप्रिय घटनाको नाकारा नही जासकता.

*न्यायाधीश निवास भी अछुता नही*
*इसी परिसरमे स्थित न्यायाधिश निवास के बाहारी परिसर तो दुर मुख्य व्दार पर बडे बडे कटीले पेड उग आये है वही निकासस्थान के आगेही भारी जलजमाव हमेशाही बना रहता है शासनके इतने महत्वपूर्ण विभाग तथा अधिकारीयोके परिसर का यह हाल है तो सार्वजनिक बांधकाम विभागके अधिनस्थ अन्य विभागोका तो भगवान ही मालीक है*
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