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*आँनलाईन बाल संस्कार शिबीर संपन्न* *बच्चोने सीखे योग,प्राणायाम व आसन* *योग प्राणायाम आसनो के साथ साथ अन्य और प्रतीयोगीताये आयोजीत*

*आँनलाईन बाल संस्कार शिबीर संपन्न*

*बच्चोने सीखे योग,प्राणायाम व आसन*

*योग प्राणायाम आसनो के साथ साथ अन्य और प्रतीयोगीताये आयोजीत*

मुख्य संपादक – किशोर ढूंढेले
नागपुर – महिला पतंजलि नागपुर व्दारा आयोजित ऑनलाईन बालसंस्कार शिबीर का समापन सीने कलाकार पूजाजी देवालिया व्दारा दिप प्रज्वलन कर कीया गया.

इस समारोपीय आयोजन का संचालन एंव मार्गदर्शन महिला जिल्हा प्रभारी उर्मिलाताई जुवारकरकर ने तो कार्यक्रमाचे प्रास्ताविक मीडिया प्रभारी जोत्सना इंगळे ने तो आभार संगीता मीश्रा ने मानन,
कार्यक्रम अध्यक्षा पतंजलि राज्यप्रभारी शोभाताई भागीया तो प्रमुख अतिथी म्हणून सहराज्यप्रभारी भारतीताई शेंडे, राज्य कार्यकारणी सदस्य गीता ताई इलमे,जिला प्रभारी छाजुरामजी शर्मा,डॉ.जिवेश पंचभाई,मुख्य योग शिक्षक किशोर ढुंढेले आदीने शिबीरार्थी बच्चोको मार्गदर्शन कर उनके उज्वल भविष्य की शुभकामनाये दी.

*आठ दिवसीय इस शिबीरमे योग* प्राणायाम,आसन,आहार,दिनचर्या,मेडीटेशन,संस्कृती के साथ साथ ड्रेस कॉम्पिटिशन, ब्रेन ऍक्टिव्हेशन,योगासन ,गणेश वंदना, संगीत आदीकी स्पर्धाये आयोजित कर गुणवत्ताप्राप्त शिबीरार्थी पारुल येवले, सोनाक्षी काकडे, सक्षम डोईफोडे, प्रणवी फुकट ,आराध्या, सानिका हेडाऊ, भैरवी लांडगे, वेदांती विरखरे आदीको पुरस्कु्त कीया गया साथ ही सभीको महिला पतंजली योग समिती की ओरसे अभिनंदन कर प्रशस्तीपत्र प्रदान कीये गये*

 

*बाल संस्कार शिबीर के सफलतार्थ महिला महामंत्री माधुरीताई निंबुलकर, माधुरी ठाकरे, युवती प्रभारी सुरेखाताई नवघरे,पराग जुवारकर आदिंने प्रयास कीये*

बच्चे देश की धरोवर,इन्हे संजोना ही हमारा कर्तव्य – योग शिक्षिका उर्मिला जुवारकर

इस आठ दिवसीय बाल संस्कार शिबीर की प्रणेता नागपुर जिल्हा महिला पतंजलि प्रभारी उर्मीलाताई जुवारकरने इस शिबीर सहभागी संपुर्ण महाराष्ट्र के सेकडो शिबीरार्थी बच्चो को मार्गदर्शन करते हुये कहा की आभी कोरोनाकाल के कारण बच्चोकी मनस्थितीपर बहोत बुरा प्रभाव पड रहा है.ना पढाई,ना खेलकुद,ना पीकनीक ना ही घरोसे बाहर निकलना ऐसेमे ही आँनलाईन पढाईके कारण आँखो और शरिरपर पडनेवाले विपरीत परिणाम जीससे बच्चे हताश महसुस कर रहे है.जिससे उनपर तनाव बढने लगा है.और अधिकांश बच्चे अवसाद मे या यु कहे की डीपरेशन मे जारहे है.अगर हमे देशके भविष्यको बचाना है तो उन्हे बाल संस्कार शिबीर या अन्य उपक्रमोमे व्यस्त रखना हर पालक और सामाजिक संस्थाओकी जबाबदारी है.इसीलीये महिला पतंजलि ने सेकडो बच्चोके साथ यह बाल संस्कार शिबीर का सफल आयोजन कर बच्चोको अवसाद या डिपरेशनसे बाहर निकलनेका प्रयास कीया जो की काफी हदतक सफल हुआँ.व महिला पतंजलि के साथ साथ पतंजलि परिवार की सभी ईकाइयाँ इस तरहके आयोजन कर बच्चोमे छिपे गुणोको उजागर कर उन्हे तन मनसे स्वस्थ एंव सुसंस्कृत बनाने हेतू सदैव प्रयत्नशील रहेगी ऐसे वीचार इस अवसर पर व्यक्त कीये*
*शिबीर का समापन मुख्य योग शिक्षक राजेंद्र जुवारकर के “बातो बातो मे निकल गयी सारी जिंदगी,बचपन से बुढापे तक का सफर…इस भजन से कीया गया.

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